Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebook"आया तुफान" की कहानी कश्मीर समस्या पर आधारित है जिसके नतीजे में आज कारगील में भारतीय सेना और पाकिस्तानी घुसपैठीयों के बीच जंग जारी है।
मसूद कादरी (गुलशन ग्रोवर) उग्रवादियों के संगठन का लीडर है। नूर मोहम्मद आजाद (आदित्य पांचोली) उग्रवादियो की फौज का कमांडर है। ये दोनों सुलतान ब्लोची जो कि आई.एस.आई. एजेंट है, कि मदद से कश्मीर में फैली आतंकवाद की आग को और तेज कर देते है। जगह-जगह कत्ल व खून और बम विस्फोटों की इतनी वारदातें होती हैं कि इस राज्य की सरकार हिल जाती है। पुलिस डिपार्टमेंट इस अचानक उभरने वाले आतंकवाद के तूफान पर काबू पाने में नाकाम साबित होता है। इस लिये गृहमंत्री कैप्टन अर्जुन सिंह तूफान (मिथुन चक्रवर्ती) को बुला कर इस दहशतगर्दी को खत्मा करने की जिम्मेदारी उसे सौंप देता है। और इस तरह कैप्टन तूफान की जिंदगी आतंकवादियों के खिलाफ एक मिशन, एक जंग बन जाती है।
मसूद कादरी और नूर मोहम्मद हर कीमत पर कश्मीर की आजादी चाहते है... और कैप्टन तूफान इस सुबे से उग्रवाद का नामो-निशान मिटाने के लिये हर चुनौती का सामना करने के लिये तैयार है।
मिथुन चक्रवर्ती, पहली बार एक खतरनाक और जाँबाज आर्मी आफिसर के किरदार में।
आदित्य पांचोली, पहली बार एक कट्टर आतंकवादी के किरदार में!
गुलशन ग्रोवर, पहली बार आतंकवादियों का एक ऐसा कट्टर मजहबी लीडर जो नमाज भी पढ़ता है और बेगुनाहों का खून भी बहाता है।
आतंकवाद के खिलाफ रौंगटे खड़े कर देने वाली इस जंग का मजा लेने के लिये सिर्फ बड़े पर्दे पर देखिये "आया तूफान"।
(From the official press booklet)